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श्री सुधीर कुमार,
अध्‍यक्ष, नराकास, श्री गंगानगर


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संक्षिप्त परिचय

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, श्री गंगानगर

संयोजक: पंजाब नेशनल बैंक

गठन

भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग में देश के प्रमुख शहरों में कार्यरत केन्द्र सरकार के कार्यालयों तथा बैंकों में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन किया । सन् 1985 में गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग की सहमति से भारतीय रिज़र्व बैंक, बैंकिंग परिचालन और विकास विभाग की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 19 जनवरी, 1985 को हुई 24वीं बैठक में देश के 10 बड़े शहरों में समितियाँ गठित करने का निर्णय लिया गया तथा इसके संयोजन की जिम्मेदारी अलग-अलग बैंकों को दी गई।
श्री गंगानगर शहर के स्तर पर गठित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का कार्यभार पंजाब नेशनल बैंक को सौंपा गया । समिति का गठन वर्ष 1985 में ही हुआ तथा प्रथम बैठक 25 जुलाई, 1985 को हुई। इस पहली बैठक में ही यह निर्णय लिया गया था कि नगर के सभी बैंकों में राजभाषा नीति के अंतर्गत हिन्दी का प्रयोग बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

उद्देश्‍य:

नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समितियों को बनाने का उद्देश्‍य केन्‍द्र सरकार के देशभर में फैले कार्यालयों/उपक्रमों/बैंकों आदि में राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा नीति के कार्यन्‍वयन के मार्ग में आई कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक संयुक्‍त मंच प्रदान करना है । इस मंच पर कार्यालयों/उपक्रमों/बैंकों आदि के अधिकारी हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए चर्चा तथा उत्‍कृष्‍ट कार्यप्रणालियों की जानकारी का आदान प्रदान कर अपनी अपनी उपलब्धि स्‍तर में सुधार ला सकते हैं ।

बैठकें:

वर्ष में समिति की दो बैठकें आयोजित की जाती हैं । प्रथम बैठक गठन के दो माह के अंदर व दूसरी उसके 6 माह पश्‍चात की जानी अपेक्षित है ।

प्रतिनिधित्‍व:

समिति की बैठकों में नगर विशेष में स्थित केन्‍द्रीय सरकार के कार्यालयों/उपक्रमों/बैंकों आदि के कार्यालय प्रमुख द्वारा स्‍वयं भाग लेना अपेक्षित है क्‍योंकि राजभाषा नियम, 1976 के नियम 12 के तहत संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन और इस संबंध में समय समय पर जारी कार्यकारी आदेशों के अनुपालन का उत्‍तरदायित्‍व कार्यालय प्रमुख को सौंपा गया है। राजभाषा विभाग (मुख्‍यालय) एवं इसके क्षेत्रीय कार्यान्‍वयन कार्यालयों के अधिकारी भी इन बैठकों में भाग लेते हैं। इनके अलावा इन बैठकों में केन्‍द्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्‍थान व केन्‍द्रीय अनुवाद ब्‍यूरो के अधिकारियों तथा नगर स्थित केन्‍द्रीय सचिवालय हिंदी परिषद की शाखाओं में से किसी एक प्रतिनिधि को भी बैठक में आमंत्रित किया जाए ।

समिति के कार्यदायित्व

1. भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, वित्त मंत्रालय, बैंकिंग प्रभाग तथा भारतीय रिज़र्व बैंक आदि से राजभाषा के कार्यान्वयन के संबंध में प्राप्त निर्देशों की सूचनाएँ. अनुपालन हेतु सदस्य बैंकों को देना तथा इन्हें पूर्ण रूप से कार्यान्वित करने हेतु अनुवर्ती कार्रवाई करना ।
2. वर्ष में कम से कम दो बैठकें आयोजित करके, सदस्य बैंकों के नगर में स्थित शाखाओं व प्रशासनिक कार्यालयों में राजभाषा के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना तथा बैठक में लिए गए निर्णयों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
3. सदस्य बैंको से तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करके समीक्षा करना।
4. सदस्य बैंकों से प्राप्त सुझावों को आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित प्राधिकारियों के पास भेजना।
5. नगर की बैंकों में राजभाषा के प्रयोग के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए विचारगोष्ठियों, कार्यशालाओं तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करना।
6. सदस्य बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से अपेक्षाएँ
7. स्थानीय कार्यपालक को अपने राजभाषा अधिकारी के साथ समिति की बैठकों में अवश्य भाग लेना चाहिए।
8. समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों को निर्धारित समय में कार्यान्वित करना चाहिए।
9. शहर में स्थित अपनी शाखाओं व कार्यालयों में हो रहे हिन्दी अनुप्रयोग की तिमाही प्रगति रिपोर्ट समिति के सचिवालय को नियमित रूप से यथासमय भेजी जानी चाहिए ।
10. समिति के तत्वावधान में आयोजित विचारगोष्टियों, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं व अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने हेतु अपने स्टाफ सदस्यों को नामित करना चाहिए।
समिति द्वारा सौंपे गए कार्यों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।


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